Overview and Key Dates
(इस भाग में हम यूपी स्कॉलरशिप 2026-27 के लिए नए पंजीकरण की पूरी जानकारी देंगे।)
UP Scholarship Fresh Registration 2026-27 के लिए छात्रवृत्ति योजना की ताजा पंजीकरण प्रक्रिया 01 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 30 जून 2026 तक चलेगी। यह योजना प्री-मैट्रिक (कक्षा 9 व 10) और पोस्ट-मैट्रिक (कक्षा 11, 12, स्नातक, परास्नातक एवं डिप्लोमा) के छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी एवं अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र इसके लिए पात्र हैं।
पात्रता हेतु आय सीमा:
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प्री-मैट्रिक (कक्षा 9-10): ₹1,00,000 वार्षिक
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पोस्ट-मैट्रिक (सामान्य/ओबीसी/अल्पसंख्यक): ₹2,00,000 वार्षिक
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पोस्ट-मैट्रिक (एससी/एसटी): ₹2,50,000 वार्षिक
यदि आप इन तिथियों का पालन नहीं करते हैं तो आपकी आवेदन प्रक्रिया अधूरी रह जाएगी और आप अगले शैक्षिक सत्र की प्रतीक्षा करेंगे। ऑनलाइन आवेदन के बाद हार्ड कॉपी संस्थान में जमा करना भी अनिवार्य है, अन्यथा आवेदन निरस्त माना जाएगा।
Eligibility Criteria
Residency and Domicile Requirements
(आवासीय एवं मूल निवास प्रमाण पत्र की शर्तें)
आवेदक को उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। डोमिसाइल प्रमाण पत्र के बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।
क्या होता है यदि यह शर्त अनदेखा की जाए: यदि आप बिना डोमिसाइल प्रमाण पत्र के आवेदन करते हैं तो सत्यापन स्तर पर आपका आवेदन अस्वीकृत हो जाएगा। इस स्थिति में आपको पुनः आवेदन का अवसर नहीं मिलेगा।
व्यावहारिक सलाह: ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से डोमिसाइल प्रमाण पत्र प्राप्त करें। इसकी वैधता सुनिश्चित करें और स्कैन कॉपी सुरक्षित रखें।
Income Limit Guidelines
(आय सीमा के नियम और शर्तें)
पारिवारिक वार्षिक आय पूर्वोक्त सीमा के अंतर्गत होनी चाहिए। यह आय सभी स्रोतों (कृषि, व्यवसाय, वेतन, पेंशन) से संयुक्त रूप से गणना की जाती है।
क्या होता है यदि आय सीमा पार हो जाए: यदि आपकी पारिवारिक आय निर्धारित सीमा से अधिक है और आप फिर भी आवेदन करते हैं, तो सत्यापन के दौरान यह पकड़ा जाएगा। परिणामस्वरूप न केवल आपका आवेदन रद्द होगा बल्कि भविष्य में फर्जी आवेदन के लिए दंडात्मक कार्रवाई भी संभव है।
व्यावहारिक सलाह: आय प्रमाण पत्र तहसीलदार से प्रमाणित कराएं और सुनिश्चित करें कि उसमें परिवार के सभी सदस्यों की आय शामिल हो।
Academic Qualification and Enrollment
(शैक्षिक पात्रता एवं संस्थान में नामांकन)
आवेदक को मान्यता प्राप्त संस्थान में नियमित छात्र के रूप में नामांकित होना चाहिए। प्री-मैट्रिक के लिए कक्षा 8 उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, जबकि पोस्ट-मैट्रिक हेतु संबंधित कक्षा में प्रवेश होना चाहिए।
क्या होता है यदि यह शर्त पूरी न हो: गैर-मान्यता प्राप्त संस्थान से आवेदन करने पर आपका आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा, यदि आपके संस्थान ने शिकायत पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं कराया है तो आपका आवेदन आगे नहीं बढ़ पाएगा।
व्यावहारिक सलाह: आवेदन से पूर्व अपने संस्थान की मान्यता स्थिति UP बोर्ड या विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सत्यापित कर लें।
Category and Caste Certificate Provisions
(जाति प्रमाण पत्र एवं आरक्षण श्रेणी के प्रावधान)
एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य है। अल्पसंख्यक वर्ग (मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन, पारसी) के छात्र भी पात्र हैं।
क्या होता है यदि जाति प्रमाण पत्र गलत हो: यदि जाति प्रमाण पत्र में त्रुटि पाई जाती है या वह प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जारी नहीं है, तो आपका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। इस स्थिति में अगले वर्ष पुनः आवेदन करना होगा।
व्यावहारिक सलाह: ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से जाति प्रमाण पत्र डाउनलोड करें और उसकी QR कोड स्कैन कर प्रामाणिकता जांचें।
Required Documents
Mandatory Identity Documents
(अनिवार्य पहचान दस्तावेज)
आधार कार्ड: आधार कार्ड मोबाइल नंबर एवं बैंक खाते से लिंक होना चाहिए। NPCI मैपिंग आवश्यक है।
प्रभाव: यदि आपका आधार बैंक खाते से लिंक नहीं है तो DBT के माध्यम से राशि आपके खाते में ट्रांसफर नहीं हो पाएगी। फंड फेल होने पर आपको पुनः प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
Educational and Institutional Documents
(शैक्षिक एवं संस्थागत दस्तावेज)
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पिछली कक्षा की मार्कशीट
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वर्तमान सत्र की प्रवेश पर्ची (फीस रसीद)
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संस्थान से बोनाफाइड प्रमाण पत्र
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OTR (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) आईडी
व्यावहारिक सलाह: सभी दस्तावेजों को PDF फॉर्मेट में मर्ज करें। प्रत्येक फाइल का साइज 1 MB से अधिक न हो।
Income and Caste Certificates (e-District)
(आय एवं जाति प्रमाण पत्र – ई-डिस्ट्रिक्ट)
ये प्रमाण पत्र ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से प्राप्त होने चाहिए। मैनुअल सर्टिफिकेट केवल तभी मान्य हैं यदि उनका डिजिटल सत्यापन संभव हो।
क्या होता है यदि पुराना प्रमाण पत्र लगाएं: पुराने या एक्सपायर्ड सर्टिफिकेट से आपका आवेदन रिजेक्ट हो जाएगा। आय प्रमाण पत्र अधिकतम 6 माह पुराना होना चाहिए।
Bank Account and DBT Requirements
(बैंक खाता एवं डीबीटी आवश्यकताएं)
बैंक खाता पासबुक की स्कैन कॉपी आवश्यक है। खाता आधार सीडिंग होना चाहिए और NPCI मैपिंग पूर्ण होनी चाहिए। संयुक्त खाते में छात्र प्राथमिक धारक होना चाहिए।
व्यावहारिक सलाह: बैंक जाकर सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है। बिना लिंक मोबाइल के आप PFMS पर पेमेंट स्टेटस नहीं देख पाएंगे।
Application Process (Step-by-Step)
One Time Registration (OTR) Creation
(वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) बनाना)
नए छात्रों के लिए OTR अनिवार्य है। यह एक बार बनने वाला रजिस्ट्रेशन है जो आपकी सभी भविष्य की आवेदन प्रक्रियाओं के लिए उपयोग होगा।
चरण:
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scholarship.up.gov.in पर जाएं
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“New Registration / OTR” पर क्लिक करें
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आधार नंबर, मोबाइल, नाम, जन्मतिथि दर्ज करें
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OTP सत्यापन करें
प्रभाव: OTR के बिना आप लॉगिन नहीं कर सकते। यदि आप OTR नहीं बनाते हैं तो आपके लिए आवेदन फॉर्म ही नहीं खुलेगा।
Form Filling and Data Entry
(फॉर्म भरना और डेटा प्रविष्टि)
व्यक्तिगत विवरण, शैक्षिक विवरण, संस्थान का कोड, बैंक विवरण सही-सही भरें। यहां एक छोटी सी गलती बाद में भारी पड़ सकती है।
सामान्य गलतियाँ:
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नाम की स्पेलिंग में अंतर (आधार vs मार्कशीट)
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संस्थान कोड गलत दर्ज करना
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जन्मतिथि का प्रारूप गलत होना
व्यावहारिक सलाह: सबमिट करने से पहले प्रीव्यू लें और आधार, मार्कशीट से क्रॉस-चेक करें।
Document Upload and Submission
(दस्तावेज अपलोड और जमा करना)
प्रत्येक दस्तावेज की स्कैन कॉपी अपलोड करें। फाइनल सबमिशन के बाद आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा।
अनिवार्य कदम: ऑनलाइन सबमिशन के बाद फॉर्म का प्रिंटआउट लें। इस हार्ड कॉपी को अपने संस्थान (स्कूल/कॉलेज) में 21 जनवरी 2026 तक जमा करें।
क्या होता है यदि हार्ड कॉपी न जमा करें: भले ही आपने ऑनलाइन आवेदन कर दिया हो, लेकिन हार्ड कॉपी जमा नहीं की तो आपका आवेदन अधूरा माना जाएगा। संस्थान स्तर का सत्यापन ही नहीं हो पाएगा और फंड जारी नहीं होगा।
Deadlines and Correction Window
Registration Timeline 2026-27
(पंजीकरण समयसारिणी 2026-27)
| Event (घटना) | Start Date (प्रारंभ) | End Date (अंतिम तिथि) |
|---|---|---|
| Fresh Registration | 01 March 2026 | 30 June 2026 |
| Hard Copy Submission | Within 7 days of online form | 10 July 2026 (अनुमानित) |
| Correction Window | August 2026 (Tentative) | August 2026 |
Difference: 2025-26 vs 2026-27
(2025-26 और 2026-27 के बीच अंतर)
2025-26 सत्र के लिए पंजीकरण 10 जुलाई 2025 से 14 जनवरी 2026 तक था। 2026-27 के लिए तिथियां बदल गई हैं।
परिणाम: यदि आप पुरानी तिथियों के आधार पर आवेदन करेंगे तो पोर्टल आपको एरर देगा। नई तिथियों (01 मार्च 2026 से 30 जून 2026) का ही पालन करें।
Correction Window Protocol
(सुधार विंडो की प्रक्रिया)
आवेदन जमा करने के बाद भी एक निश्चित अवधि (लगभग 3-4 दिन) में आप अपने फॉर्म में सुधार कर सकते हैं। 2025-26 में यह विंडो 10-13 फरवरी 2026 को थी।
व्यावहारिक सलाह: सुधार विंडो खुलते ही लॉगिन करें। इस दौरान आप फोटो, हस्ताक्षर, नाम सुधार सकते हैं। लेकिन श्रेणी (कास्ट) और आय वर्ष बदलने की अनुमति नहीं होती।
Verification and Scrutiny Process
Institutional Level Verification
(संस्थान स्तरीय सत्यापन)
आपकी हार्ड कॉपी जमा होने के बाद स्कूल/कॉलेज प्रिंसिपल या होड ऑनलाइन पोर्टल पर आपके आवेदन को वेरिफाई या रिजेक्ट करते हैं।
क्या होता है यदि संस्थान सत्यापन में देरी करे: यदि आपके संस्थान ने समय पर सत्यापन नहीं किया तो आपका नाम डिस्ट्रिक्ट लेवल पर ही नहीं पहुंचेगा। ऐसे में आपको संस्थान प्रशासन से संपर्क करना होगा। आंकड़ों के अनुसार, लगभग 8-10% आवेदन इसी स्तर पर अटक जाते हैं।
District Committee Scrutiny
(जिला स्तरीय समिति की जांच)
संस्थान सत्यापन के बाद जिला समिति द्वारा डाटा लॉक किया जाता है। 2025-26 के लिए यह प्रक्रिया 10 मार्च 2026 तक पूरी हुई। 2026-27 के लिए तिथियां अगस्त-सितंबर 2026 में होने की संभावना है।
प्रभाव: इस स्तर पर यदि कोई विसंगति पाई जाती है (जैसे इनकम सीलिंग से अधिक), तो आवेदन निरस्त हो जाता है। इस स्तर पर रिजेक्शन के बाद कोई अपील का अवसर नहीं मिलता।
Technical Scrutiny by NIC
(एनआईसी द्वारा तकनीकी जांच)
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा डुप्लिकेट आवेदन, आधार लिंकिंग और बैंक सत्यापन की जांच की जाती है।
क्या होता है यदि बैंक खाता सत्यापन में फेल हो: NIC की जांच में यदि बैंक खाता NPCI मैपिंग में फेल होता है तो आपको “Payment Failure” स्टेटस दिखेगा। आपको बैंक जाकर खाता सही कराना होगा और अगले डीबीटी चक्र की प्रतीक्षा करनी होगी।
Payment and Disbursement (DBT)
Fund Transfer Timeline
(राशि हस्तांतरण की समयसारिणी)
सत्यापन पूर्ण होने के बाद डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजी जाती है। 2025-26 सत्र के लिए दूसरा चरण 18 मार्च 2026 को अपेक्षित था।
केस स्टडी 1: आगरा की रहने वाली कक्षा 11 की छात्रा प्रिया ने समय पर आवेदन किया, लेकिन उसका बैंक खाता आधार सीडेड नहीं था। जब मार्च 2026 में फंड जारी हुआ, तो प्रिया का पेमेंट फेल हो गया। उसे अगस्त 2026 में सुधार विंडो का इंतजार करना पड़ा।
PFMS Status Tracking
(पीएफएमएस पर स्थिति ट्रैक करना)
PFMS (Public Financial Management System) पोर्टल पर जाकर आप जान सकते हैं कि राशि जारी हुई या नहीं।
स्टेप्स:
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pfms.nic.in पर जाएं
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“Know Your Payment” पर क्लिक करें
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बैंक का नाम और खाता संख्या दर्ज करें
प्रभाव: यदि PFMS पर पेमेंट नहीं दिख रहा तो इसका मतलब है कि या तो सत्यापन अधूरा है या फंड जारी नहीं हुआ। तब तक स्कॉलरशिप पोर्टल पर “Pending” स्टेटस बना रहेगा।
Reasons for Payment Failure
(भुगतान विफलता के कारण)
सामान्य कारण:
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बैंक खाता निष्क्रिय होना
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आधार-बैंक लिंक में गलत नाम
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NPCI मैपिंग का न होना
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खाता सील या फ्रोजन होना
केस स्टडी 2: लखनऊ के कक्षा 9 के छात्र आदित्य का आवेदन तो स्वीकृत हो गया, लेकिन पैसा नहीं आया। जांच में पता चला कि उसके बैंक खाते में नाम “आदित्य कुमार” था, जबकि आधार पर “आदित्य कुमार सिंह” था। थोड़ा सा अंतर होने पर भी DBT फेल हो जाता है।
Common Mistakes and Consequences
Data Mismatch Between Documents
(दस्तावेजों के बीच डेटा बेमेल)
जब आधार, मार्कशीट और बैंक पासबुक में नाम, जन्मतिथि या पिता का नाम अलग-अलग होता है। यह सबसे आम गलती है।
परिणाम: यह सुनने में भले ही छोटी लगे, लेकिन इसके कारण लगभग 15% आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं। सत्यापन एजेंसियां बायोमेट्रिक मिलान करती हैं।
समाधान: आवेदन से पहले आधार कार्यालय जाकर नाम सुधार लें और बैंक में KYC अपडेट कराएं।
Late Application and Hard Copy Submission
(देरी से आवेदन और हार्ड कॉपी जमा करना)
बहुत से छात्र ऑनलाइन फॉर्म तो भर देते हैं, लेकिन हार्ड कॉपी प्रिंट करके स्कूल जमा करना भूल जाते हैं।
परिणाम: पोर्टल पर भले ही “Submitted” लिखा हो, लेकिन स्कूल स्तर पर “Pending for Hardcopy” का टैग लग जाता है। अंतिम तिथि के बाद स्कूल सत्यापन के लिए आवेदन बंद कर देते हैं।
Providing Expired Income Certificate
(एक्सपायर्ड आय प्रमाण पत्र देना)
आय प्रमाण पत्र की वैधता निश्चित होती है (सामान्यतः 1 वर्ष)।
परिणाम: जिला स्तरीय जांच में एक्सपायर्ड सर्टिफिकेट पकड़ा जाता है। यह “Invalid Document” माना जाता है। आपको सुधार विंडो में नया सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा, अन्यथा रिजेक्ट।
क्या न करें: फर्जी आय प्रमाण पत्र न बनवाएं। सरकार के पास इनकम डेटाबेस (जीएसटी, आयकर) से मिलान की प्रणाली है। पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
Statistical Data and Scheme Impact
(सांख्यिकीय आंकड़े और योजना का प्रभाव)
उत्तर प्रदेश में 50 लाख से अधिक छात्र इस योजना के लाभार्थी हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार ने लगभग ₹3500 करोड़ का बजट आवंटित किया था।
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प्री-मैट्रिक लाभार्थी: अनुमानित 18 लाख छात्र
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पोस्ट-मैट्रिक लाभार्थी: अनुमानित 32 लाख छात्र
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ड्रॉपआउट दर में कमी: योजना के कारण उच्च प्राथमिक में ड्रॉपआउट दर में 12% की कमी दर्ज की गई है (शैक्षिक सर्वेक्षण रिपोर्ट)।
व्यावहारिक सलाह: 2023 के एक सरकारी आंकड़े के अनुसार, 2022-23 में लगभग 7.5 लाख आवेदन तकनीकी त्रुटियों (जैसे फोटो में दिक्कत, फॉर्मेट गलत) के कारण रिजेक्ट हुए थे। इसलिए अपलोड करते समय फोटो (10 KB-50 KB) और सिग्नेचर (5 KB-20 KB) का साइज जरूर चेक करें।
FAQ (Frequently Asked Questions)
सवाल 1: क्या 8वीं कक्षा के छात्र UP Scholarship 2026-27 के लिए आवेदन कर सकते हैं?
जवाब: सामान्य UP Scholarship (प्री-मैट्रिक) केवल कक्षा 9 और 10 के लिए है। हालांकि, NMMS (नेशनल मीन्स कम मेरिट) योजना के तहत कक्षा 8 के छात्र पात्र हैं, जिसकी अंतिम तिथि 24 सितंबर 2025 थी।
सवाल 2: क्या दो बच्चे एक ही परिवार से आवेदन कर सकते हैं?
जवाब: हां, एक ही परिवार के दो या अधिक बच्चे आवेदन कर सकते हैं। लेकिन पारिवारिक आय की सीमा (₹2,00,000 या ₹2,50,000) परिवार के सभी स्रोतों की कुल आय होगी, प्रति बच्चे की नहीं। यदि कुल आय सीमा पार हो गई तो दोनों बच्चों के आवेदन रिजेक्ट हो जाएंगे।
सवाल 3: मैंने 2025 में आवेदन किया था, क्या 2026-27 में फिर से आवेदन करना होगा?
जवाब: जी हां। UP Scholarship एक वार्षिक नवीकरण (Annual Renewal) आधार पर काम करती है। हर साल “Fresh” (नए छात्र) और “Renewal” (पुराने छात्र) दोनों के लिए अलग-अलग लिंक जारी होते हैं। आपको “Renewal” टैब से आवेदन करना होगा।
सवाल 4: क्या प्राइवेट स्कूल के छात्र इसके लिए पात्र हैं?
जवाब: पात्रता संस्थान की मान्यता पर निर्भर करती है। यदि आपका प्राइवेट स्कूल UP Board या संबंधित परिषद से मान्यता प्राप्त है और वह छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकृत है, तो आप आवेदन कर सकते हैं। गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों के छात्र पात्र नहीं हैं।
सवाल 5: OTR (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) भूल गया/गई, कैसे प्राप्त करें?
जवाब: OTR पंजीकरण के समय आपको एक OTR ID और पासवर्ड मिलता था। यदि भूल गए हैं तो पोर्टल पर “Forgot OTR ID” या “Forgot Password” का विकल्प होता है। वहां आधार संख्या और जन्मतिथि डालकर आप OTR पुनः प्राप्त कर सकते हैं।
सवाल 6: पैसा बैंक में नहीं आया, लेकिन PFMS पर दिख रहा है?
जवाब: PFMS पर “Payment Initiated” या “Sanctioned” दिखने का मतलब यह नहीं कि पैसा आपके खाते में आ गया है। इसमें 3 से 7 कार्यदिवस लग सकते हैं। यदि 10 दिन से अधिक हो गए हैं, तो बैंक जाकर चेक करें कि खाता DBT के लिए सक्षम है या नहीं। कई बार बैंक राशि रोक लेते हैं।
सवाल 7: क्या मैं अगर दूसरे राज्य में पढ़ रहा हूं तो आवेदन कर सकता हूं?
जवाब: नहीं। यह योजना केवल उत्तर प्रदेश के उन छात्रों के लिए है जो उत्तर प्रदेश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में अध्ययनरत हों। यदि आप दिल्ली या मुंबई में पढ़ रहे हैं, तो आप इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं, भले ही आपका मूल निवास UP हो।
सवाल 8: क्या सुधार विंडो (Correction Window) में फोटो बदल सकते हैं?
जवाब: हां, सामान्यतः सुधार विंडो में फोटो, हस्ताक्षर, पता और नाम की माइनर स्पेलिंग सुधारी जा सकती है। लेकिन जन्मतिथि (Date of Birth), आधार नंबर और कैटेगरी (SC/ST/OBC/General) में बदलाव की अनुमति नहीं होती है। यदि ये गलत हैं तो आपको अगले सत्र में नया आवेदन करना होगा।
सवाल 9: हार्ड कॉपी किसे जमा करनी है: स्कूल को या डीआईओएस को?
जवाब: हार्ड कॉपी आपको अपने विद्यालय/संस्थान के प्राचार्य कक्ष में जमा करनी है। डीआईओसी (DIOS) कार्यालय सीधे हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं करता। स्कूल संस्थान अपनी मेरा डाटा अपडेट करने के बाद ही उसे आगे भेजता है। केवल ऑनलाइन भरना पर्याप्त नहीं है।
सवाल 10: क्या स्कॉलरशिप की राशि पर कोई टैक्स कटता है?
जवाब: सरकारी छात्रवृत्ति को आयकर अधिनियम की धारा 10(16) के तहत कर से छूट प्राप्त है। आपको इस राशि पर कोई टैक्स नहीं देना है, बशर्ते यह पूरी तरह से शिक्षा व्यय के लिए उपयोग की जा रही हो।
Author’s Expertise: यह लेख शैक्षिक अनुदान प्रक्रियाओं, डीबीटी सत्यापन और सरकारी छात्रवृत्ति पोर्टलों की तकनीकी जानकारी रखने वाले एक कंप्लायंस एनालिस्ट द्वारा लिखा गया है। लेखक पिछले 8 वर्षों से स्कॉलरशिप मैनेजमेंट सिस्टम और ऑडिट रिपोर्ट्स का विश्लेषण कर रहा है।