UP Scholarship Status Pending Kab Tak Release Hoga

First Paragraph – Summary & Search Intent

UP Scholarship Status Pending Kab Tak Release Hoga: जब यूपी छात्रवृत्ति (UP Scholarship) का स्टेटस “Pending” दिखाता है, तो इसका अर्थ है कि आवेदन विभिन्न स्तरों पर सत्यापन प्रक्रिया से गुजर रहा है । यह स्थिति जिला समिति सत्यापन और एनआईसी पुनः स्क्रूटनी चरणों में हो सकती है  । सरकार ने सत्र 2025-26 के लिए 18 मार्च 2026 को द्वितीय चरण का भुगतान जारी करने का लक्ष्य रखा है  । लगभग 5.87 लाख छात्रों के मामले तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से लंबित थे, जिनके समाधान के लिए नई समयसीमा निर्धारित की गई है  । इस लेख में विभिन्न प्रकार के पेंडिंग स्टेटस, उनके अर्थ, और भुगतान जारी होने की अपेक्षित समयसीमा को विस्तार से समझाया गया है ।

What Does “Pending Status” Mean – Complete Breakdown

छात्रवृत्ति पोर्टल पर दिखने वाला “Pending” स्टेटस कई प्रकार का हो सकता है । प्रत्येक का अलग अर्थ है और समाधान की समयसीमा भी भिन्न है । नीचे प्रत्येक स्थिति को विस्तार से समझाया गया है ।

Pending With Institute – First Level Verification

व्याख्या: यह स्टेटस तब दिखता है जब आवेदन संस्थान (स्कूल/कॉलेज) स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित है । संस्थान को आवेदन की हार्ड कॉपी और दस्तावेजों की जांच करनी होती है  ।

यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: यदि संस्थान सत्यापन में देरी करता है, तो आवेदन आगे जिला स्तर पर नहीं भेजा जा सकता । इससे पूरी प्रक्रिया अटक जाती है । 31 दिसंबर 2025 तक भुगतान का लक्ष्य था, लेकिन विलंब के कारण यह मार्च 2026 तक बढ़ गया  ।

व्यावहारिक सुझाव: अपने संस्थान के छात्रवृत्ति प्रभारी से संपर्क करें और सत्यापन की स्थिति जानें । सुनिश्चित करें कि आपकी हार्ड कॉपी समय पर जमा हुई है ।

Pending With District – Second Level Verification

व्याख्या: इस स्टेटस का अर्थ है कि आवेदन जिला स्तरीय समिति के पास सत्यापन के लिए पहुंच गया है । जिला समिति 10 मार्च 2026 तक डेटा लॉक करने के लिए जिम्मेदार थी  । यह अंतिम सत्यापन चरण है ।

यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: जिला स्तर पर सत्यापन पूरा हुए बिना फंड डिमांड जनरेट नहीं हो सकती । यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है, और यदि यहां कोई समस्या आती है, तो आवेदन अस्वीकृत हो सकता है ।

व्यावहारिक सुझाव: यदि यह स्टेटस लंबे समय से है, तो जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क करें । आप जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं ।

Pending With NIC – Technical Scrutiny Phase

व्याख्या: यह एक तकनीकी पुनः स्क्रूटनी चरण है जो 19 फरवरी से 27 फरवरी 2026 के बीच आयोजित किया गया था  । इस चरण में एनआईसी (National Informatics Centre) द्वारा डेटा की गहन जांच की जाती है ।

यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: तकनीकी स्क्रूटनी में विफल होने पर डेटा वापस जिला स्तर पर भेजा जा सकता है, जिससे पूरी प्रक्रिया में देरी होती है ।

व्यावहारिक सुझाव: इस चरण में छात्र कोई कार्रवाई नहीं कर सकते । यह प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके पूरा होने की प्रतीक्षा करनी चाहिए ।

Payment Pending – Waiting for DBT Transfer

व्याख्या: यह स्टेटस तब दिखता है जब सभी सत्यापन चरण पूरे हो चुके हैं और फंड डिमांड जनरेट हो चुकी है, लेकिन DBT ट्रांजैक्शन अभी प्रोसेस नहीं हुआ है । डीबीटी ट्रांसफर के लिए 13 मार्च 2026 तक फंड डिमांड जनरेट करने का लक्ष्य था  ।

यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: यदि आपका बैंक खाता NPCI मैप नहीं है या आधार लिंक नहीं है, तो पेमेंट पेंडिंग रह सकता है और अंततः विफल हो सकता है  ।

व्यावहारिक सुझाव: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता NPCI मैपिंग के साथ DBT के लिए सक्रिय है  ।

आइए एक क्षण के लिए विचार करें: क्या आप जानते हैं कि 5.87 लाख छात्रों की छात्रवृत्ति तकनीकी समस्याओं के कारण लंबित थी ? क्या आप सुनिश्चित हैं कि आपका डेटा NIC स्क्रूटनी में पास हो गया है?

Expected Release Timeline – Pending Payment Kab Aayega

नीचे दी गई तालिका विभिन्न चरणों में लंबित छात्रवृत्ति के जारी होने की अपेक्षित समयसीमा को दर्शाती है ।

Phase-Wise Payment Schedule 2026

व्याख्या: शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए छात्रवृत्ति भुगतान दो चरणों में जारी किया गया है :

भुगतान चरण तिथि विवरण
प्रथम चरण (पहली किस्त) 24 जनवरी 2026 पोस्ट-मैट्रिक “अदर दैन इंटर” छात्रों के लिए
द्वितीय चरण (दूसरी किस्त) 18 मार्च 2026 से प्रारंभ शेष पात्र छात्रों के लिए 
विलंबित भुगतान 16 मार्च 2026 तक लक्ष्य 5.87 लाख लंबित मामलों के लिए 

यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: यदि 25 मार्च 2026 के बाद भी आपका स्टेटस “Pending” दिखता है, तो आपको तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा आपका नाम अगले चरण से भी छूट सकता है ।

व्यावहारिक सुझाव: नियमित रूप से पोर्टल पर स्टेटस चेक करते रहें । द्वितीय चरण का भुगतान 18 मार्च से शुरू हो रहा है, इसलिए इस तिथि के बाद अपने खाते की जांच करें  ।

NIC Rescrutiny Completion Timeline

व्याख्या: एनआईसी पुनः स्क्रूटनी चरण 19 फरवरी से 27 फरवरी 2026 के बीच आयोजित किया गया था  । इस चरण के पूरा होने के बाद, जिला समिति को 10 मार्च 2026 तक डेटा लॉक करना था और 13 मार्च 2026 तक फंड डिमांड जनरेट करनी थी  ।

यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: यदि इस समयसीमा के भीतर डेटा लॉक नहीं होता, तो भुगतान और अधिक विलंबित हो सकता है ।

व्यावहारिक सुझाव: यदि आपका स्टेटस अभी भी “Pending” है, तो संभावना है कि आपका मामला विलंबित भुगतान सूची में है, जिसे 16 मार्च 2026 तक निपटाने का लक्ष्य रखा गया है  ।

Budget Allocation for 2026-27

व्याख्या: उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026-27 के बजट में छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण राशि आवंटित की है :

  • एससी छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक योजनाओं हेतु: ₹977 करोड़
  • सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए: ₹950 करोड़
  • अल्पसंख्यक छात्रों के लिए: ₹391 करोड़

यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: बजट आवंटन के बावजूद, यदि आपने समय पर दस्तावेज सत्यापन पूरा नहीं किया, तो आप भुगतान से वंचित रह सकते हैं ।

व्यावहारिक सुझाव: अपने आवेदन की स्थिति और दस्तावेजों को अद्यतन रखें ।

दूसरा महत्वपूर्ण प्रश्न: क्या आप जानते हैं कि द्वितीय चरण का भुगतान 18 मार्च 2026 से शुरू हो रहा है? क्या आपने अपना बैंक खाता NPCI मैपिंग के लिए सक्रिय कराया है?

How to Track Your Pending Status Online

यदि आपका स्टेटस लंबे समय से “Pending” दिखा रहा है, तो नीचे दी गई विधियों से आप अपनी स्थिति ट्रैक कर सकते हैं ।

Method 1: UP Scholarship Official Portal

यूपी छात्रवृत्ति पोर्टल से स्टेटस चेक करने की प्रक्रिया :

  1. आधिकारिक वेबसाइट scholarship.up.gov.in पर जाएं 
  2. होमपेज पर “Status” टैब पर क्लिक करें
  3. शैक्षणिक वर्ष 2025-26 चुनें
  4. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें 
  5. “Search” पर क्लिक करें

स्क्रीन पर आपका आवेदन स्टेटस दिखाई देगा । आप स्टेटस पेज को PDF के रूप में डाउनलोड कर सकते हैं  ।

Method 2: UMANG App

UMANG ऐप से स्टेटस चेक करने की प्रक्रिया :

  1. UMANG ऐप डाउनलोड करें और लॉगिन करें
  2. “UP Scholarship” सेवा चुनें
  3. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें
  4. स्टेटस देखें

Method 3: PFMS Portal for Payment Tracking

पीएफएमएस पोर्टल से भुगतान ट्रैक करने की प्रक्रिया :

यदि आपका स्टेटस “Verified by District Committee” है, लेकिन भुगतान नहीं आया है, तो PFMS पोर्टल पर जांच करें :

  1. pfms.nic.gov पर जाएं
  2. “Know Your Payment” पर क्लिक करें
  3. अपना बैंक नाम और खाता संख्या दर्ज करें
  4. OTP सत्यापन करें
  5. यदि राशि जारी हो चुकी है, तो भुगतान की स्थिति दिखेगी 

तीसरा विचारणीय प्रश्न: क्या आपको पता है कि PFMS पोर्टल पर भी आप अपनी भुगतान स्थिति ट्रैक कर सकते हैं? क्या आपने कभी अपने बैंक खाते की NPCI मैपिंग चेक की है?

Common Reasons for Delayed Release – Why Your Status Is Still Pending

आपका स्टेटस लंबे समय से “Pending” क्यों है, इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं । नीचे प्रत्येक कारण और समाधान को समझाया गया है ।

NPCI Bank Mapping Issues – Most Common Reason

व्याख्या: यदि बैंक खाता NPCI (National Payments Corporation of India) सिस्टम से सही ढंग से मैप नहीं है, तो DBT ट्रांजैक्शन विफल हो सकता है  । आजमगढ़ जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी चेतन सिंह के अनुसार, छात्रों को आधार सीडिंग, NPCI मैपिंग, और UID को DBT के लिए सक्रिय कराना अनिवार्य है  ।

यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: बिना सही मैपिंग के, भुगतान बैंक स्तर पर ही अटक जाता है और राशि आपके खाते में कभी नहीं पहुंचेगी  ।

व्यावहारिक सुझाव: अपने बैंक शाखा में जाकर आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग कराएं । बैंक खाता DBT के लिए सक्रिय होना चाहिए  ।

Income Certificate Mismatch

व्याख्या: आय प्रमाण पत्र की जानकारी राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट सिस्टम में उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल खानी चाहिए  । नए नियमों के अनुसार, केवल माता, पिता, या अभिभावक के नाम पर जारी आय प्रमाण पत्र ही मान्य होंगे  ।

यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: आय प्रमाण पत्र में विसंगति के कारण आवेदन अस्वीकृत हो सकता है ।

व्यावहारिक सुझाव: अपने आय प्रमाण पत्र को ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर सत्यापित कराएं ।

Aadhaar Verification Problems

व्याख्या: गलत आधार विवरण, डुप्लीकेट एंट्री, या नाम में वर्तनी का अंतर भुगतान विफलता का कारण बन सकता है  । हाई-स्कूल मार्कशीट और आधार कार्ड में नाम बिल्कुल एक समान होना चाहिए  ।

यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: बिना सही आधार सत्यापन के, आवेदन अंतिम स्क्रूटनी में रिजेक्ट हो सकता है ।

व्यावहारिक सुझाव: अपने आधार और शैक्षिक दस्तावेजों में नाम की वर्तनी एक समान कराएं ।

OTR (One Time Registration) Not Completed

व्याख्या: शैक्षिक सत्र 2025-26 से OTR (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) अनिवार्य कर दिया गया है । सभी छात्रों को पहले OTR करना होगा, उसके बाद ही छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे  ।

यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: बिना OTR के, आपका आवेदन प्रोसेस ही नहीं होगा ।

व्यावहारिक सुझाव: यदि आपने OTR नहीं किया है, तो तुरंत पोर्टल पर जाकर करें ।

Step-by-Step Actions – What to Do If Status Is Pending

यदि आपका स्टेटस लंबे समय से “Pending” है, तो नीचे दी गई चरणबद्ध प्रक्रिया का पालन करें ।

Step 1: Identify Which Pending Status

स्थिति पहचानने की प्रक्रिया:

सबसे पहले, ऊपर बताए गए तरीकों से अपना सटीक स्टेटस जांचें :up-scholarship-status-pending-kab-tak-release-hoga

दिखने वाला स्टेटस क्या करें
Pending With Institute कॉलेज/स्कूल के छात्रवृत्ति प्रभारी से संपर्क करें
Pending With District जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क करें
Pending With NIC प्रतीक्षा करें – यह प्रशासनिक प्रक्रिया है
Payment Pending PFMS पोर्टल चेक करें और बैंक NPCI मैपिंग सत्यापित करें

Step 2: Verify Your Bank Account and Aadhaar Status

बैंक खाता और आधार सत्यापन की प्रक्रिया:

  1. सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता सक्रिय है
  2. पुष्टि करें कि आधार बैंक खाते से लिंक है – यह आधार सीडिंग कहलाता है 
  3. जांचें कि बैंक खाता DBT के लिए सक्रिय है
  4. NPCI मैपिंग की जांच करें – बैंक से पूछें 

महत्वपूर्ण: यदि बैंक खाता सक्रिय नहीं है, तो छात्रवृत्ति की राशि खाते में नहीं आएगी  ।

Step 3: Contact Your Institute

संस्थान से संपर्क करने की प्रक्रिया:

यदि आपका स्टेटस “Pending with Institute” दिखाता है, तो तुरंत अपने कॉलेज या स्कूल के छात्रवृत्ति प्रभारी से संपर्क करें । ध्यान रखें कि जिला स्तर पर सत्यापन के लिए 10 मार्च 2026 तक डेटा लॉक करना था  । संस्थान स्तर पर सत्यापन पूरा होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होती है ।

Step 4: File Grievance If No Resolution

शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया:

यदि उपरोक्त सभी चरणों को पूरा करने के बाद भी समस्या बनी रहती है :

  1. जनसुनवाई पोर्टल (jansunwai.up.nic.in) पर शिकायत दर्ज करें
  2. Grievance Redressal System (scholarship.up.gov.in पर) का उपयोग करें
  3. हेल्पलाइन 0522-3538700 पर कॉल करें

Case Studies – Pending Status Resolution Examples

निम्नलिखित केस स्टडीज विभिन्न कारणों से लंबित स्टेटस और उनके समाधान को दर्शाती हैं ।

Case Study 1: 5.87 Lakh Students – New Deadline Set

स्थिति: 2024-25 शैक्षणिक सत्र में तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से लगभग 5.87 लाख छात्रों की छात्रवृत्ति लंबित थी  । B.Pharm, Ayurveda, Homeopathy, B.Ed, और D.El.Ed जैसे पाठ्यक्रमों में देर से परीक्षा परिणाम आने और कॉलेजों द्वारा मास्टर डेटा लॉक न करने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई  ।

समाधान के चरण:

  1. सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया
  2. जिला स्तरीय समिति को 1 मार्च तक मास्टर डेटा लॉक करने का निर्देश दिया गया 
  3. 16 मार्च 2026 तक ऑनलाइन डिमांड जनरेट करने का लक्ष्य रखा गया 
  4. राशि सीधे छात्रों के खातों में स्थानांतरित की जानी थी

परिणाम: इस निर्णय से हजारों छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी शैक्षणिक प्रगति छात्रवृत्ति की अनिश्चितता के कारण प्रभावित हुई थी  ।

सीख: यदि आपका कॉलेज मास्टर डेटा लॉक करने में देरी कर रहा है, तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें और स्वयं फॉलो-अप करें ।

Case Study 2: Aadhaar Seeding Issue – Azamgarh Guidelines

स्थिति: आजमगढ़ जिले में कई छात्रों का PFMS पोर्टल पर डेटा रिजेक्ट हो रहा था  । जांच में पाया गया कि छात्रों ने अपने बैंक खाते में आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग नहीं कराई थी  ।

समाधान के चरण:

  1. जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने दिशानिर्देश जारी किए
  2. छात्रों को अपने बैंक से संपर्क करने का निर्देश दिया गया
  3. आधार सीडिंग, NPCI मैपिंग, और UID को DBT के लिए सक्रिय कराना अनिवार्य बताया गया
  4. राज्य NIC से रिजेक्ट होने वाले छात्रों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर संदेश भेजा गया 

परिणाम: बैंक खाता सक्रिय होने के बाद छात्रों की छात्रवृत्ति सफलतापूर्वक ट्रांसफर हो गई ।

सीख: PFMS पोर्टल से डेटा रिजेक्ट होने से बचने के लिए बैंक खाते का DBT के लिए सक्रिय होना अनिवार्य है  ।

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Frequently Asked Questions (FAQs)

Question 1: UP Scholarship का स्टेटस “Pending” क्यों दिखा रहा है?

“Pending” स्टेटस का अर्थ है कि आपका आवेदन सत्यापन प्रक्रिया के किसी चरण में है – संस्थान स्तर, जिला स्तर, या NIC पुनः स्क्रूटनी  । यह सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन यदि यह लंबे समय से है, तो कारण जानने के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क करें ।

Question 2: Pending status कब तक release होगा?

द्वितीय चरण का भुगतान 18 मार्च 2026 से शुरू हो रहा है  । विलंबित भुगतानों (लगभग 5.87 लाख मामले) को 16 मार्च 2026 तक जारी करने का लक्ष्य रखा गया है  । इसलिए, मार्च 2026 के अंत तक अधिकांश पेंडिंग स्टेटस का समाधान हो जाना चाहिए ।

Question 3: स्टेटस “Pending With District” का क्या मतलब है?

इसका अर्थ है कि आपका आवेदन जिला स्तरीय समिति के पास सत्यापन के लिए है । जिला समिति को 10 मार्च 2026 तक डेटा लॉक करना था  । यह अंतिम सत्यापन चरण है ।

Question 4: स्टेटस “Pending With Institute” होने पर क्या करें?

आपको तुरंत अपने कॉलेज या स्कूल के छात्रवृत्ति प्रभारी से संपर्क करना चाहिए । संस्थान स्तर पर सत्यापन पूरा होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होती है  ।

Question 5: क्या PFMS पोर्टल पर भुगतान स्टेटस चेक कर सकते हैं?

हां, PFMS पोर्टल pfms.nic.gov पर “Know Your Payment” विकल्प से आप अपनी भुगतान स्थिति ट्रैक कर सकते हैं  । यह बताएगा कि DBT ट्रांजैक्शन प्रोसेस हुआ है या नहीं ।

Question 6: NPCI बैंक मैपिंग क्या है और यह क्यों जरूरी है?

NPCI मैपिंग का अर्थ है कि आपका बैंक खाता आधार से सही ढंग से लिंक है और DBT ट्रांजैक्शन के लिए सक्रिय है । यदि यह नहीं है, तो छात्रवृत्ति की राशि अटक सकती है  ।

Question 7: मैं अपना UP Scholarship स्टेटस कैसे चेक करूं?

scholarship.up.gov.in पर जाएं, “Status” टैब पर क्लिक करें, शैक्षणिक वर्ष 2025-26 चुनें, अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें  । UMANG ऐप से भी स्टेटस देख सकते हैं ।

Question 8: स्टेटस “Rejected” दिख रहा है – क्या करूं?

“Rejected” स्टेटस का अर्थ है कि आपके आवेदन में कोई त्रुटि है – गलत दस्तावेज, अपात्रता, या सत्यापन में विफलता  । आपको त्रुटि सुधारकर पुनः आवेदन करना होगा ।

Question 9: क्या OTR (One Time Registration) अनिवार्य है?

हां, शैक्षिक सत्र 2025-26 से OTR (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) अनिवार्य कर दिया गया है । सभी छात्रों को पहले OTR करना होगा, उसके बाद ही छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे  ।

Question 10: हेल्पलाइन नंबर क्या है?

UP Scholarship Portal हेल्पलाइन: 0522-3538700 । पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए टोल-फ्री: 18001805131, अल्पसंख्यक कल्याण के लिए: 18001805229 । ये नंबर कार्यालय समय के दौरान उपलब्ध हैं ।

Author Expertise – Domain Credentials

इस लेख की जानकारी निम्नलिखित आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है:

  1. उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग की यूपी छात्रवृत्ति योजना से संबंधित आधिकारिक जानकारी और दिशानिर्देश
  2. योजना की आधिकारिक वेबसाइट scholarship.up.gov.in पर उपलब्ध स्टेटस चेकिंग प्रक्रियाएं 
  3. PFMS पोर्टल के DBT भुगतान ट्रैकिंग दिशानिर्देश 
  4. जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी द्वारा जारी NPCI मैपिंग और आधार सीडिंग दिशानिर्देश 
  5. उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 में छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवंटन

लेखक ने सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं, DBT भुगतान प्रणालियों, और लाभार्थी शिकायत निवारण तंत्रों का गहन अध्ययन किया है । यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है । किसी भी विशिष्ट समस्या के लिए अपने कॉलेज के छात्रवृत्ति प्रभारी, जिला समाज कल्याण कार्यालय, या योजना के हेल्पलाइन नंबर (0522-3538700) से संपर्क करें ।

Key Takeaways – Action Summary

  1. पहला कदम: scholarship.up.gov.in पर अपना स्टेटस जांचें – जानें कि आपका आवेदन “Pending With Institute”, “Pending With District”, या “Pending With NIC” है 
  2. दूसरा कदम: द्वितीय चरण का भुगतान 18 मार्च 2026 से शुरू हो रहा है – इस तिथि के बाद अपने खाते की जांच करें 
  3. तीसरा कदम: अपने बैंक खाते की NPCI मैपिंग और आधार सीडिंग सत्यापित करें – यह DBT का आधार है 
  4. चौथा कदम: यदि स्टेटस “Pending With Institute” है, तो कॉलेज/स्कूल से संपर्क करें – सत्यापन पूरा कराएं
  5. पांचवां कदम: 25 मार्च 2026 के बाद भी यदि स्टेटस पेंडिंग है, तो जनसुनवाई पोर्टल या ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम पर शिकायत दर्ज करें
  6. छठा कदम: हेल्पलाइन 0522-3538700 पर कॉल करें या टोल-फ्री 18001805131 (पिछड़ा वर्ग) / 18001805229 (अल्पसंख्यक) का उपयोग करें

 

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