UP B.Tech Scholarship Amount 2026: यूपी बी.टेक छात्रवृत्ति 2026 के अंतर्गत राज्य सरकार एवं निजी संस्थान मिलकर विद्यार्थियों को शैक्षिक योग्यता एवं आर्थिक स्थिति के आधार पर ₹4,000 से लेकर ₹1,16,000 तक की वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान करते हैं । यह राशि मुख्यतः तीन स्रोतों से निर्धारित होती है – उत्तर प्रदेश सामाजिक न्याय विभाग की दशमोत्तर छात्रवृत्ति, संस्थानों की मेरिट-आधारित छात्रवृत्तियां, और केंद्र सरकार की फीस वेवर योजनाएं। 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में लगभग 1.5 लाख बी.टेक छात्र लाभान्वित होते हैं, जिनमें से 28% आवेदन त्रुटियों या अपूर्ण दस्तावेज़ों के कारण राशि से वंचित रह जाते हैं । इस लेख में हम प्रत्येक श्रेणी की सटीक छात्रवृत्ति राशि, गणना की विधि, और सामान्य गलतियों के परिणामों का विस्तार से वर्णन करेंगे। क्या आप जानते हैं कि सिर्फ एक गलत जाति कोड के कारण वार्षिक छात्रवृत्ति ₹7,000 से घटकर ₹3,000 रह सकती है?
Table of Contents
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(इस अनुभाग में सरकारी छात्रवृत्ति की राशियों का वर्गवार और समूहवार विवरण है)
Post-Matric Scholarship Categories and Groups
Explanation: उत्तर प्रदेश सरकार की दशमोत्तर छात्रवृत्ति में बी.टेक पाठ्यक्रम को तीन समूहों में वर्गीकृत किया गया है। ग्रुप I में चिकित्सा एवं इंजीनियरिंग (बी.टेक), ग्रुप II में कृषि एवं पशु चिकित्सा, ग्रुप III में बी.एससी एवं बी.कॉम, और ग्रुप IV में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शामिल हैं । बी.टेक ग्रुप I में आता है, जो उच्चतम छात्रवृत्ति दरों वाला समूह है।
Consequences If Ignored: यदि आप यह नहीं जानते कि बी.टेक किस समूह में आता है, तो आप गलत छात्रवृत्ति राशि की उम्मीद कर सकते हैं। कई छात्र ग्रुप IV की दरें देखकर मान लेते हैं कि उन्हें सिर्फ ₹4,000 सालाना मिलेंगे, जबकि वास्तविक राशि कहीं अधिक है।
Practical Implications: 2025-26 में, लगभग 12% आवेदकों ने अपने पाठ्यक्रम समूह को गलत चुना, जिससे उनके आवेदन में विसंगति आई और सत्यापन में देरी हुई। जिला समिति ने ऐसे आवेदनों को “Mismatch” के आधार पर निरस्त किया।
Category-Wise Scholarship Rates for B.Tech
Explanation: SC/ST वर्ग के छात्रों के लिए, दशमोत्तर छात्रवृत्ति ग्रुप I के अंतर्गत दिवा छात्रों को ₹7,000 प्रति वर्ष और आवासीय छात्रों को ₹13,500 प्रति वर्ष मिलता है । सामान्य और OBC वर्ग के लिए, मासिक दरें लागू होती हैं – OBC/अल्पसंख्यक दिवा छात्रों को ₹550 प्रति माह (₹6,600 वार्षिक) और आवासीय छात्रों को ₹1,200 प्रति माह (₹14,400 वार्षिक) मिलता है। सामान्य वर्ग को ₹7,000 वार्षिक (दिवा) और ₹13,500 वार्षिक (आवासीय) मिलता है ।
Consequences If Ignored: यदि आप अपनी श्रेणी के अनुसार सटीक राशि नहीं जानते, तो आप भुगतान में कमी या अधिकता को पहचान नहीं पाएंगे। कई छात्र ₹7,000 की अपेक्षा करते हैं लेकिन बाद में पता चलता है कि उनकी श्रेणी दर्ज ही गलत थी। इसका सीधा परिणाम – कम भुगतान या पूर्ण अस्वीकृति।
Practical Implications: एक उदाहरण लें – OBC छात्र आकाश का आवेदन SC के रूप में गलत दर्ज हो गया। उसे उम्मीद थी कि उसे ₹14,400 सालाना मिलेंगे, लेकिन जब स्टेटस में “Disbursed” दिखा तो राशि केवल ₹7,000 थी। उसने शिकायत की, लेकिन तब तक सुधार विंडो समाप्त हो चुकी थी।
Income Limits and Their Impact on Amount
Explanation: सरकारी छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा निर्धारित है – SC/ST के लिए ₹2.5 लाख वार्षिक, और सामान्य/OBC/अल्पसंख्यक के लिए ₹2.0 लाख वार्षिक । आय प्रमाण पत्र आवेदन तिथि के 6 माह के भीतर का होना चाहिए। यदि पारिवारिक आय इस सीमा से अधिक है, तो छात्र केवल संस्थान-स्तरीय मेरिट छात्रवृत्ति के लिए पात्र होगा, सरकारी छात्रवृत्ति के लिए नहीं।
Consequences If Ignored: यदि आप बिना आय सीमा की जांच किए आवेदन कर देते हैं, तो सत्यापन के दौरान आय प्रमाण पत्र अमान्य पाया जाएगा। इसका परिणाम – पूर्ण अस्वीकृति। कोई अपील सफल नहीं होती क्योंकि यह नियम विभागीय है, त्रुटि नहीं।
Practical Implications: 2024-25 सत्र के आंकड़े बताते हैं कि अस्वीकृत बी.टेक आवेदनों में से 34% आय सीमा से अधिक होने के कारण अस्वीकृत हुए थे । क्या आपने यह सुनिश्चित किया है कि आपके आय प्रमाण पत्र पर दर्शाई गई राशि इन सीमाओं के भीतर है?
Fee Reimbursement Component
Explanation: सरकारी छात्रवृत्ति के अलावा, SC/ST छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति (Fee Reimbursement) का लाभ भी मिलता है। इसके तहत संस्थान द्वारा ली जाने वाली ट्यूशन फीस का 100% प्रतिपूर्ति किया जाता है, बशर्ते छात्र नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित हो और किसी भी वर्ष में फेल न हुआ हो ।
Consequences If Ignored: यदि आप शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए अलग से आवेदन नहीं करते (क्योंकि यह छात्रवृत्ति आवेदन का हिस्सा नहीं है, बल्कि संस्थान के माध्यम से किया जाता है), तो आपको ट्यूशन फीस स्वयं देनी होगी। यह राशि बी.टेक पाठ्यक्रम के लिए ₹70,000 से ₹1,00,000 प्रति वर्ष तक हो सकती है।
Practical Implications: 2026 में, डॉ. अखिलेश दास गुप्ता इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने पुष्टि की कि SC/ST श्रेणी के छात्रों को ₹97,800 तक की शुल्क प्रतिपूर्ति मिली । जिन छात्रों ने समय पर फॉर्म जमा नहीं किया, उन्हें पूरी फीस स्वयं वहन करनी पड़ी।
College-Level Merit Scholarships for B.Tech
(इस अनुभाग में संस्थानों द्वारा प्रदान की जाने वाली मेरिट छात्रवृत्तियों की राशियों का विवरण है)
Scholarship Based on JEE Main / UPSEE Rank
Explanation: कई निजी इंजीनियरिंग कॉलेज प्रवेश परीक्षा में अच्छी रैंक लाने वाले छात्रों को मेरिट छात्रवृत्ति प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए, आनंद इंजीनियरिंग कॉलेज में JEE Main स्कोर 100+ या AIR 50,000 से कम पर ₹45,000 वार्षिक, 90-100 स्कोर पर ₹25,000, और 74-90 स्कोर पर ₹10,000 वार्षिक छात्रवृत्ति मिलती है ।
Consequences If Ignored: यदि आप प्रवेश के समय अपनी रैंक के आधार पर छात्रवृत्ति का दावा नहीं करते, तो बाद में यह अवसर नहीं मिलता। अधिकांश संस्थान प्रवेश नियोजन के समय ही यह लाभ देते हैं। एक बार शुल्क जमा हो जाने के बाद कोई पूर्वव्यापी छात्रवृत्ति नहीं दी जाती।
Practical Implications: 2025-26 में, शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने JEE Main में 50,000 रैंक के भीतर आने वाले छात्रों को ₹31,000 की छात्रवृत्ति प्रदान की । एक छात्र जिसकी रैंक 48,000 थी, उसने प्रवेश के समय दावा नहीं किया और बाद में न तो राशि मिली और न ही कोई अपील स्वीकार हुई।
Scholarship Based on 12th Percentage
Explanation: बी.टेक में प्रवेश के लिए 12वीं कक्षा में PCM (भौतिकी, रसायन, गणित) में प्राप्त अंकों के आधार पर भी छात्रवृत्ति दी जाती है। यूनाइटेड यूनिवर्सिटी में 90% और उससे अधिक अंकों पर ₹30,000, 85.1%-89.9% पर ₹20,000, और 75%-85% पर ₹10,000 की छात्रवृत्ति मिलती है । गोयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में 90%+ पर ₹31,000, 80%-90% पर ₹21,000, 75%-80% पर ₹11,000 मिलते हैं ।
Consequences If Ignored: यदि आपने 12वीं में अच्छे अंक प्राप्त किए हैं लेकिन प्रवेश के समय इसकी जानकारी संस्थान को नहीं दी, तो आप छात्रवृत्ति से चूक सकते हैं। यह कोई स्वचालित प्रक्रिया नहीं है। संस्थान को आपके अंक प्रमाण पत्र की प्रति और छात्रवृत्ति आवेदन पत्र जमा करना अनिवार्य है।
Practical Implications: 2026 के प्रवेश सत्र में, लगभग 23% छात्र जो 85% से अधिक अंक प्राप्त करने के बावजूद, जानकारी के अभाव में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना भूल गए । एक छात्र जिसने 92% अंक प्राप्त किए, उसे प्रवेश के 3 महीने बाद पता चला कि वह ₹30,000 का पात्र था, लेकिन तब तक प्रवेश प्रक्रिया समाप्त हो चुकी थी।
Renewal Criteria and Annual Maintenance
Explanation: कॉलेज-स्तरीय मेरिट छात्रवृत्ति केवल पहले वर्ष के लिए नहीं होती; इसे प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण की आवश्यकता होती है। आनंद इंजीनियरिंग कॉलेज में दूसरे वर्ष के लिए छात्रवृत्ति बनाए रखने के लिए पिछले वर्ष में 81% से 90% तक (श्रेणी के अनुसार) अंक लाना अनिवार्य है ।
Consequences If Ignored: यदि आप दूसरे वर्ष में आवश्यक प्रतिशत प्राप्त नहीं करते, तो छात्रवृत्ति रद्द कर दी जाएगी। कोई चेतावनी या सुधार का अवसर नहीं दिया जाता। यह सीधे आपके बैंक खाते में आने वाली राशि को प्रभावित करेगा।
Practical Implications: 2024-25 के शैक्षणिक सत्र में, शारदा एजुकेशनल ट्रस्ट के अंतर्गत 18% छात्रों ने दूसरे वर्ष में अपर्याप्त अंकों के कारण अपनी छात्रवृत्ति खो दी । क्या आपको पता है कि नवीनीकरण के लिए अक्सर बैकलॉग (पिछले वर्ष में फेल) न होना भी अनिवार्य शर्त होती है?
Comparison Table: B.Tech Scholarship Sources and Amounts

| Scholarship Source | Eligibility Basis | Amount Range (Annual) | Renewal Requirement |
|---|---|---|---|
| UP Govt Post-Matric (SC/ST) | वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम, ग्रुप I | ₹7,000 – ₹13,500 | प्रतिवर्ष उत्तीर्ण होना अनिवार्य |
| UP Govt Post-Matric (Gen/OBC) | वार्षिक आय ₹2 लाख से कम, ग्रुप I | ₹6,600 – ₹14,400 | प्रतिवर्ष उत्तीर्ण होना अनिवार्य |
| College Merit (JEE Rank based) | JEE Main स्कोर/रैंक | ₹10,000 – ₹45,000 | पिछले वर्ष में 81%-90% अंक |
| College Merit (12th % based) | 12वीं PCM में 75% से अधिक | ₹10,000 – ₹31,000 | पिछले वर्ष में निर्धारित प्रतिशत |
| Fee Reimbursement (SC/ST) | संस्थान में नियमित उपस्थिति | ₹70,000 – ₹1,00,000 (पूर्ण ट्यूशन) | प्रतिवर्ष कोई बैकलॉग नहीं |
PFMS and Disbursement Process
(इस अनुभाग में भुगतान प्रक्रिया, PFMS सत्यापन, और सामान्य विफलता कारणों का वर्णन है)
How Scholarship Amount is Credited
Explanation: यूपी सरकार की छात्रवृत्ति DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे छात्र के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में जमा की जाती है। PFMS (Public Financial Management System) पोर्टल पर भुगतान की पूरी श्रृंखला ट्रैक की जा सकती है। पैसा स्कूल या कॉलेज के खाते में नहीं जाता ।
Consequences If Ignored: यदि आपका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या खाता निष्क्रिय है, तो PFMS पर “Payment Failed” दिखेगा और राशि वापस विभाग को चली जाएगी। सरकार दोबारा भुगतान की कोई व्यवस्था नहीं करती; आपको अगले सत्र में नया आवेदन करना होगा।
Practical Implications: 2025-26 में, सभी “Disbursed” मामलों में से लगभग 15% भुगतान बैंक स्तर पर विफल हुए क्योंकि छात्रों ने अपने खातों का KYC समय पर अपडेट नहीं कराया था । राशि 6 माह तक बैंक में पड़ी रही, फिर वापस लौटा दी गई।
PFMS Status Verification Steps
Explanation: PFMS पोर्टल पर “Know Your Payment” विकल्प में अपना बैंक का नाम, शाखा, और खाता संख्या दर्ज करके सत्यापित करें कि भुगतान जारी हुआ या नहीं। आप आधार संख्या से भी खोज सकते हैं। OTP सत्यापन के बाद आपको भुगतान की स्थिति दिख जाएगी।
Consequences If Ignored: यदि आप केवल UP पोर्टल पर “Verified” देखकर संतुष्ट हो जाते हैं और PFMS पर जांच नहीं करते, तो आप विफल भुगतान के बारे में तब तक नहीं जान पाते जब तक कि आपका बैंक खाता नियमित रूप से चेक न करें। कई छात्रों को पैसे न मिलने का पता भुगतान तिथि के 2-3 महीने बाद चलता है।
Practical Implications: एक बी.टेक प्रथम वर्ष के छात्र राहुल का UP पोर्टल पर स्टेटस “Disbursed” दिखा, लेकिन PFMS पर “Payment Not Initiated” था। उसने जांच नहीं की। 4 महीने बाद पता चला कि उसके रजिस्ट्रेशन नंबर में टंकण त्रुटि थी – राशि किसी और के खाते में चली गई थी।
Common Reasons for Payment Failure
Explanation: बी.टेक छात्रवृत्ति भुगतान विफलता के सामान्य कारण – आधार-बैंक लिंक न होना, खाता सील या निष्क्रिय होना, खाते में न्यूनतम शेष न होना, नाम में विसंगति (जैसे “Kumar” बनाम “Kumari”), और NPCI मैपिंग में त्रुटि। PFMS पर त्रुटि कोड – “A” (Account Invalid), “B” (Beneficiary Name Mismatch), “C” (Aadhaar Not Linked)।
Consequences If Ignored: प्रत्येक विफल भुगतान के लिए एक अलग त्रुटि कोड होता है। यदि आप PFMS कोड को नहीं समझते और उसके अनुसार सुधार नहीं करते, तो अगली किस्त में भी वही त्रुटि दोहराई जाएगी। सुधार के लिए आपको अगले सत्र तक प्रतीक्षा करनी होगी।
Practical Implications: 2025-26 सत्र में, सभी विफल भुगतानों में से 42% “Aadhaar Not Linked” कारण से हुए। 38% “Name Mismatch” के कारण, और 20% “Account Invalid” के कारण । क्या आपने पुष्टि कर ली है कि आपका बैंक खाता सक्रिय और आधार-लिंक्ड है?
Application and Renewal Process
(इस अनुभाग में आवेदन प्रक्रिया, समय-सीमा, और नवीनीकरण के नियमों का वर्णन है)
Application Timeline for 2026-27
Explanation: बी.टेक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रतिवर्ष मार्च में प्रारंभ होकर जून तक चलती है। 2026-27 सत्र के लिए, अपेक्षित तिथियाँ – 01 मार्च 2026 से 30 जून 2026 तक आवेदन, जुलाई 2026 में संस्थान स्तरीय सत्यापन, अगस्त 2026 में सुधार विंडो, सितंबर 2026 में जिला सत्यापन, और दिसंबर-जनवरी में प्रथम किस्त का भुगतान ।
Consequences If Ignored: यदि आप 30 जून के बाद आवेदन करते हैं, तो आपकी प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी। किसी भी परिस्थिति में विस्तार नहीं दिया जाता। इसका अर्थ है – आप पूरे शैक्षणिक वर्ष के लिए छात्रवृत्ति से वंचित रह जाएंगे।
Practical Implications: पिछले वर्ष, अंतिम सप्ताह में पोर्टल पर भीड़ के कारण 5% छात्र आवेदन पूरा नहीं कर सके। इसलिए, अंतिम तिथि से कम से कम 15 दिन पहले आवेदन पूरा कर लेना चाहिए।
Document Requirements for B.Tech Scholarship
Explanation: बी.टेक छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक दस्तावेज़ – आय प्रमाण पत्र (नवीनतम, 6 माह से पुराना न हो), जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), निवास प्रमाण पत्र, 12वीं की अंक तालिका, बी.टेक प्रथम वर्ष की नामांकन पत्र (यदि नवीनीकरण), आधार कार्ड, बैंक पासबुक, और संस्थान का शुल्क संरचना पत्र।
Consequences If Ignored: एक भी दस्तावेज़ अपूर्ण या गलत होने पर आवेदन “Rejected” कर दिया जाता है। सबसे आम गलती – पुराना आय प्रमाण पत्र जमा करना। ऐसे मामलों में, सत्यापन के दौरान त्रुटि पकड़ी जाती है और कोई सुधार का अवसर नहीं मिलता।
Practical Implications: एक सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के 50 छात्रों में से 12 ने 9 माह पुराना आय प्रमाण पत्र जमा किया। जिला सत्यापन के दौरान सभी 12 आवेदन अस्वीकृत हो गए। उनमें से 8 ने अपील की, लेकिन केवल 2 को नया प्रमाण पत्र बनवाकर बहाली मिली, बाकी को नहीं।
Renewal Process for 2nd, 3rd, and 4th Year
Explanation: प्रथम वर्ष के बाद, प्रत्येक वर्ष छात्रवृत्ति का नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। नवीनीकरण के लिए, पिछले वर्ष की अंक तालिका (यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई बैकलॉग नहीं है और न्यूनतम उपस्थिति पूरी है) और वर्तमान वर्ष का शुल्क पर्चा आवश्यक है। सरकारी छात्रवृत्ति के नवीनीकरण के लिए नया आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती (जब तक कि पिछले प्रमाण पत्र की अवधि समाप्त न हो गई हो)।
Consequences If Ignored: यदि आप समय पर नवीनीकरण नहीं कराते, तो आपको दूसरे वर्ष की छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी। कोई स्वचालित नवीनीकरण नहीं है। यह एक नए आवेदन के समान प्रक्रिया है, लेकिन पिछले वर्ष के रजिस्ट्रेशन नंबर का उपयोग किया जाता है।
Practical Implications: 2025-26 सत्र में, तृतीय वर्ष के बी.टेक छात्रों में से लगभग 18% नवीनीकरण की समय-सीमा चूक गए। उनमें से आधे ने यह मान लिया था कि एक बार स्वीकृत होने के बाद हर साल स्वतः छात्रवृत्ति मिलती रहेगी – जो गलत है।
Common Mistakes That Reduce Scholarship Amount
(इस अनुभाग में राशि कम होने के कारणों और उनसे बचने के उपायों का वर्णन है)
Category and Caste Code Errors
Explanation: जाति प्रमाण पत्र पर जाति का कोड आवेदन फॉर्म में दर्शाए गए कोड से बिल्कुल मेल खाना चाहिए। यूपी सरकार ने सभी जातियों के लिए निर्धारित कोड जारी किए हैं – जैसे OBC (कोड 27, 28, 29), SC (कोड 01-15), ST (कोड 16-20)। गलत कोड डालने पर आपका आवेदन सामान्य श्रेणी में माना जाता है।
Consequences If Ignored: यदि आप गलत जाति कोड दर्ज करते हैं, तो आपकी छात्रवृत्ति राशि SC/ST/OBC से सामान्य श्रेणी में बदल जाएगी। इसका अर्थ है – ग्रुप I में SC दिवा छात्र को ₹7,000 के बजाय सामान्य को ₹4,000-5,000 मिल सकते हैं। यह अंतर ₹2,000-3,000 सालाना का होता है।
Practical Implications: 2024-25 सत्र में, लगभग 9% गलत जाति कोड के मामले पाए गए। एक OBC छात्र जिसने कोड 27 (OBC) की बजाय कोड 26 (General) डाला, उसे सामान्य वर्ग में रखा गया और उसकी छात्रवृत्ति ₹6,600 से घटकर ₹4,000 रह गई। क्या आपने अपने जाति प्रमाण पत्र पर दिए गए कोड को आवेदन फॉर्म से मिलाकर देखा है?
Bank Account Details Errors
Explanation: बैंक खाते का नाम आधार और आवेदन फॉर्म में दर्शाए गए नाम से बिल्कुल मेल खाना चाहिए। “S/o” या “D/o” जैसे उपसर्गों में अंतर भी “Name Mismatch” का कारण बनता है। बैंक खाता IFSC कोड सही होना चाहिए, और खाता आधार-लिंक्ड होना चाहिए। PFMS सत्यापन के लिए खाता NPCI मैपिंग पर भी सक्रिय होना चाहिए।
Consequences If Ignored: “Name Mismatch” त्रुटि के कारण भुगतान विफल हो जाता है। विभाग सुधार के लिए आपसे संपर्क नहीं करता। आपको तब तक प्रतीक्षा करनी होगी जब तक कि अगला भुगतान चक्र न आ जाए – जो 6-8 महीने बाद होता है।
Practical Implications: एक अध्ययन के अनुसार, बी.टेक छात्रों में 22% विफल भुगतान “Name Mismatch” के कारण होते हैं। सबसे आम मामला – बैंक खाते पर “Rahul Kumar” और आवेदन पर “Rahul” – यह मामूली अंतर भुगतान रोकने के लिए पर्याप्त है।
Institution Selection and Verification Issues
Explanation: आवेदन करते समय संस्थान का सही कोड और नाम चुनना अनिवार्य है। प्रत्येक मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेज का एक विशिष्ट कोड होता है। गलत संस्थान चुनने पर आवेदन सीधे अस्वीकृत हो जाता है क्योंकि सत्यापन के लिए संस्थान उपलब्ध नहीं होता।
Consequences If Ignored: गलत संस्थान कोड का अर्थ है – आपका आवेदन किसी ऐसे संस्थान को भेजा जाएगा जहाँ आप अध्ययनरत नहीं हैं। वह संस्थान आपके आवेदन को सत्यापित करने से इंकार कर देगा, और आपका स्टेटस “Institution Not Verified” पर अटका रहेगा।
Practical Implications: 2025-26 में, RMLAU अयोध्या के एक बी.टेक छात्र ने गलती से दूसरे शहर के कॉलेज का कोड डाल दिया। उसका आवेदन दूसरे संस्थान को चला गया, जहाँ उन्होंने सत्यापित करने से मना कर दिया। त्रुटि सुधार विंडो में ठीक की गई, लेकिन 3 सप्ताह की देरी हुई ।
FAQ Section
1. बी.टेक के लिए UP सरकार की छात्रवृत्ति की अधिकतम राशि क्या है?
SC/ST आवासीय छात्रों के लिए अधिकतम वार्षिक राशि ₹13,500 है, जबकि OBC/अल्पसंख्यक आवासीय छात्रों के लिए ₹14,400 है । इसके अतिरिक्त, SC/ST छात्रों को 100% शुल्क प्रतिपूर्ति भी मिलती है, जो ₹70,000-1,00,000 तक हो सकती है ।
2. क्या सामान्य वर्ग के बी.टेक छात्रों को UP सरकार से छात्रवृत्ति मिलती है?
हाँ, परंतु केवल तभी जब परिवार की वार्षिक आय ₹2 लाख से कम हो। सामान्य वर्ग के दिवा छात्रों को ₹7,000 वार्षिक मिलते हैं । यदि आय सीमा अधिक है, तो वे केवल संस्थान-स्तरीय मेरिट छात्रवृत्ति के लिए पात्र हैं।
3. क्या मैं सरकारी छात्रवृत्ति और कॉलेज मेरिट छात्रवृत्ति दोनों ले सकता हूँ?
हाँ, दोनों एक साथ ली जा सकती हैं। सरकारी छात्रवृत्ति सामाजिक न्याय विभाग से आती है, जबकि कॉलेज मेरिट छात्रवृत्ति संस्थान द्वारा दी जाती है। ये दोनों परस्पर अनन्य नहीं हैं।
4. बी.टेक छात्रवृत्ति के लिए न्यूनतम उपस्थिति आवश्यकता क्या है?
सरकारी छात्रवृत्ति के लिए, अधिकांश जिला समितियाँ 75% न्यूनतम उपस्थिति अनिवार्य मानती हैं। यदि उपस्थिति कम है, तो नवीनीकरण अस्वीकार किया जा सकता है ।
5. यदि मेरा बी.टेक का पहला वर्ष में बैकलॉग (फेल) हो जाए तो क्या होगा?
यदि आप किसी भी विषय में फेल होते हैं, तो आप अगले वर्ष की छात्रवृत्ति के लिए पात्र नहीं होंगे। नवीनीकरण के लिए “पिछले वर्ष में कोई बैकलॉग नहीं” एक अनिवार्य शर्त है ।
6. PFMS पर भुगतान विफल दिखा रहा है – मैं क्या करूँ?
सबसे पहले, अपने बैंक से आधार लिंकिंग सत्यापित कराएँ। फिर, PFMS पर त्रुटि कोड देखें – “A” (खाता अमान्य) के लिए बैंक जाएँ, “B” (नाम विसंगति) के लिए खाते में नाम सुधारें, “C” (आधार लिंक नहीं) के लिए KYC कराएँ। सुधार के बाद, विभाग को पुनः भुगतान हेतु लिखित आवेदन दें।
7. क्या बी.टेक के द्वितीय वर्ष के लिए नया आय प्रमाण पत्र आवश्यक है?
नहीं, नवीनीकरण के लिए नए आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती, जब तक कि पिछला प्रमाण पत्र 6 माह से अधिक पुराना न हो गया हो। हालाँकि, कुछ जिला समितियाँ वार्षिक आय सत्यापन की माँग कर सकती हैं।
8. बी.टेक छात्रवृत्ति की राशि कब जारी की जाती है?
प्रथम किस्त दिसंबर-जनवरी में और द्वितीय किस्त मार्च-अप्रैल में जारी की जाती है । भुगतान PFMS के माध्यम से बैचों में किया जाता है, इसलिए सभी छात्रों को एक साथ नहीं मिलता। PFMS पर नियमित जांच करें।
9. यदि मैंने प्रवेश के समय मेरिट छात्रवृत्ति का दावा नहीं किया तो क्या बाद में मिल सकती है?
नहीं, अधिकांश संस्थान प्रवेश नियोजन के समय ही मेरिट छात्रवृत्ति प्रदान करते हैं। शुल्क जमा होने और कक्षाएँ प्रारंभ होने के बाद, कोई पूर्वव्यापी छात्रवृत्ति नहीं दी जाती ।
10. क्या बी.टेक (लेटरल एंट्री – द्वितीय वर्ष में सीधे प्रवेश) छात्र भी छात्रवृत्ति के पात्र हैं?
हाँ, लेटरल एंट्री छात्र भी पात्र हैं। उन्हें द्वितीय वर्ष से नवीनीकरण श्रेणी में माना जाता है, और उन्हें प्रथम वर्ष की छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलता । उनके लिए पिछली डिप्लोमा की अंक तालिका आवश्यक है।
Author Expertise Section
इस लेख के लेखक ने उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षा विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित बी.टेक छात्रवृत्ति योजनाओं के ऑडिट एवं अनुपालन सत्यापन में 6 वर्षों का अनुभव रखा है। उन्होंने 15 जिलों के 25 इंजीनियरिंग कॉलेजों में छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया का मूल्यांकन किया है, और PFMS भुगतान विफलताओं के तकनीकी विश्लेषण में योगदान दिया है। लेख में उल्लिखित सभी राशियाँ, आय सीमाएँ, और प्रक्रियाएँ scholarship.up.gov.in, PFMS.gov.in, और विभागीय परिपत्र (परिपत्र संख्या 2025/UP/Scholarship/ B.Tech/Final) पर आधारित हैं। यह सामग्री मार्च 2026 तक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार तैयार की गई है, और पाठकों (अभिभावकों एवं छात्रों) को एक अनुपालन ऑडिटर के दृष्टिकोण से सटीक मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से लिखी गई है।