UP Scholarship 2nd Installment 2026
Opening Summary
UP Scholarship की दूसरी किस्त 18 मार्च 2026 से DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से जारी की जा रही है। यह किस्त कुल वार्षिक राशि का 50% है। सरकार ने इसके लिए ₹2,825 करोड़ का बजट आवंटित किया है। 18.6 लाख छात्रों को पहले बैच में भुगतान मिलेगा। यदि आपका स्टेटस “Sanctioned” है लेकिन पैसा नहीं आया है, तो यह लेख आपको बताएगा कि कब, कैसे, और क्या करना है।
UP Scholarship 2nd Installment 2026
Payment Date and Official Timeline
Second Installment Release Date – March 18 2026
दूसरी किस्त की रिलीज़ की आधिकारिक तिथि 18 मार्च 2026 है। जिला समिति ने 10 मार्च तक डेटा लॉक कर लिया है। 13 मार्च तक डिमांड जनरेशन पूरी हो गई है। परिणाम: 18 मार्च से डीबीटी ट्रांसफर शुरू हो गए हैं। व्यावहारिक प्रभाव: सभी छात्रों को एक साथ पैसा नहीं मिलता। यह जिले और बैंक के अनुसार कई चरणों में आता है।
Phase 1 vs Phase 2 – Timing Difference
फेज 1 में वे छात्र आते हैं जिनका डेटा 10 मार्च से पहले लॉक हो गया था। फेज 2 में वे छात्र आते हैं जिन्होंने करेक्शन किया या बाद में वेरिफाइड हुए। परिणाम: फेज 1 के छात्रों को 18-22 मार्च के बीच पैसा मिलने की संभावना अधिक है। व्यावहारिक प्रभाव: यदि आपके दोस्त को पैसा मिल गया है और आपको नहीं, तो घबराएं नहीं – आपका बैच बाद में आ सकता है।
Statistics – Budget and Beneficiaries
सरकार ने ₹2,825 करोड़ का बजट आवंटित किया है। 91 लाख से अधिक छात्र इस योजना के तहत आते हैं। 18.6 लाख छात्रों को पहले बैच में भुगतान मिलेगा। परिणाम: यह एक बड़ी योजना है, इसलिए सिस्टम पर लोड के कारण भुगतान चरणों में आता है। व्यावहारिक प्रभाव: धैर्य रखें और नियमित रूप से स्टेटस चेक करते रहें।
Pending Cases Clearance – March 16 2026
सरकार ने 5.87 लाख लंबित स्कॉलरशिप मामलों को साफ़ करने के लिए 16 मार्च 2026 की समय सीमा निर्धारित की थी। ये मुख्यतः बी.फार्म, आयुर्वेद, बी.एड, डी.एल.एड के छात्र हैं। परिणाम: इन छात्रों को अब फिर से आवेदन करने और औपचारिकताएं पूरी करने की अनुमति दी गई थी। व्यावहारिक प्रभाव: यदि आपका केस लंबित था, तो अब उसे साफ़ कर दिया गया है – अपना स्टेटस जांचें।
How to Check 2nd Installment Status
Method 1 – UP Scholarship Portal
सबसे पहले scholarship.up.gov.in पर जाएं। “Student” सेक्शन में “Application Status” पर क्लिक करें। अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्म तिथि और पासवर्ड दर्ज करें। परिणाम: आपको “Sanctioned”, “Pending”, या “Disbursed” स्टेटस दिखेगा। व्यावहारिक प्रभाव: “Sanctioned” का मतलब पैसा नहीं आया है – यह केवल पात्रता की पुष्टि है। “Disbursed” का मतलब पैसा भेज दिया गया है।
Method 2 – PFMS Portal (Payment Tracker)
PFMS (pfms.nic.in) वास्तविक भुगतान स्थिति दिखाता है। “Know Your Payments” के अंतर्गत “Beneficiary Search” चुनें। अपना बैंक खाता नंबर या आधार नंबर दर्ज करें। OTP वेरिफाई करें। परिणाम: “Payment Initiated”, “Disbursed”, या “Payment Failed” दिखेगा। व्यावहारिक प्रभाव: यदि “Disbursed” दिखता है, तो 3-5 दिनों में बैंक खाते में पैसा आ जाना चाहिए। यदि “Payment Failed” दिखता है, तो बैंक खाते में कोई समस्या है।
Method 3 – UMANG Mobile App
UMANG ऐप प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से डाउनलोड करें। ऐप खोलें और “PFMS” सर्च करें। “Know Your Payments” चुनें। अपना बैंक खाता नंबर या आधार नंबर दर्ज करें। परिणाम: मोबाइल पर ही भुगतान स्थिति दिख जाएगी। व्यावहारिक प्रभाव: यह उन छात्रों के लिए सबसे आसान तरीका है जिनके पास कंप्यूटर नहीं है।
Understanding Status Messages
“Pending Verification” का अर्थ है कि आपका फॉर्म जिला समिति के पास है। परिणाम: जब तक वेरिफिकेशन नहीं होता, कोई भुगतान नहीं होता। “Sanctioned/Verified” का अर्थ है कि आपका फॉर्म पास हो गया है। परिणाम: अगले भुगतान बैच में पैसा आएगा। “Disbursed” का अर्थ है कि पैसा भेज दिया गया है। परिणाम: 3-5 दिनों में बैंक खाते में क्रेडिट। “Payment Failed” का अर्थ है कि बैंक खाते में कोई समस्या है। परिणाम: तुरंत बैंक जाकर समाधान करवाएं। क्या आप जानते हैं कि सबसे सामान्य समस्या आधार सीडिंग न होना है?
Installment Amount – Class Wise
Pre-Matric Scholarship (Class 9-10)
प्री-मैट्रिक के तहत कक्षा 9 और 10 के छात्र आते हैं। दिन छात्रों को ₹1,500 से ₹3,000 सालाना मिलते हैं। आवासीय छात्रों को ₹3,000 से ₹6,000 सालाना मिलते हैं। दूसरी किस्त कुल राशि का 50% है। परिणाम: दिन छात्रों को ₹750-1,500 और आवासीय छात्रों को ₹1,500-3,000 मिलेंगे। व्यावहारिक प्रभाव: अपनी श्रेणी के अनुसार राशि की गणना करें।
Post-Matric Scholarship (Class 11-12, UG, PG)
पोस्ट-मैट्रिक में कक्षा 11, 12, स्नातक और परास्नातक के छात्र आते हैं। कक्षा 11-12: ₹3,000-5,000 सालाना। स्नातक: ₹8,000-15,000 सालाना। परास्नातक: ₹15,000-25,000 सालाना। दूसरी किस्त कुल राशि का 50% है। परिणाम: कक्षा 11-12 को ₹1,500-2,500, स्नातक को ₹4,000-7,500, परास्नातक को ₹7,500-12,500 मिलेंगे। व्यावहारिक प्रभाव: तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए राशि अधिक हो सकती है।
First vs Second Installment – Percentage Split
पहली किस्त दिसंबर 2025-जनवरी 2026 में जारी की गई थी। यह कुल राशि का 50% थी। दूसरी किस्त मार्च 18, 2026 से जारी हो रही है। यह भी कुल राशि का 50% है। परिणाम: दोनों किस्तें मिलकर 100% राशि देती हैं। व्यावहारिक प्रभाव: यदि आपको पहली किस्त नहीं मिली, तो दूसरी भी नहीं मिलेगी। पहले अपना स्टेटस जांचें और स्कूल से संपर्क करें।
Comparison Table – Pre-Matric vs Post-Matric
| Feature | Pre-Matric (Class 9-10) | Post-Matric (Class 11-12, UG, PG) |
|---|---|---|
| वार्षिक आय सीमा | ₹1 लाख तक | ₹2-2.5 लाख (category अनुसार) |
| वार्षिक राशि (दिन छात्र) | ₹1,500 – ₹3,000 | ₹3,000 – ₹15,000 |
| वार्षिक राशि (आवासीय) | ₹3,000 – ₹6,000 | ₹8,000 – ₹25,000 |
| दूसरी किस्त (50%) | ₹750 – ₹1,500 (Day) | ₹1,500 – ₹12,500 |
Explanation (Hindi): प्री-मैट्रिक में कक्षा 9 और 10 के छात्र आते हैं। पोस्ट-मैट्रिक में कक्षा 11, 12, स्नातक और परास्नातक के छात्र आते हैं। आवासीय छात्रों को दिन छात्रों से अधिक राशि मिलती है क्योंकि इसमें आवास और भोजन का खर्च शामिल होता है। दूसरी किस्त कुल राशि का 50% है।
Two Case Studies
Case Study 1 – Payment Received in First Batch
एक कक्षा 12 के छात्र ने अगस्त 2025 में आवेदन किया था। उसका फॉर्म नवंबर में वेरिफाइड हो गया था। उसने दिसंबर में पहली किस्त प्राप्त कर ली थी। उसका आधार बैंक खाते से लिंक था और स्कूल ने समय पर मास्टर डेटा लॉक कर दिया था। परिणाम: 18 मार्च 2026 को उसकी दूसरी किस्त आ गई। सीख: समय पर वेरिफिकेशन और आधार सीडिंग सफलता की कुंजी है।
Case Study 2 – Payment Failed Due to Bank Issue
एक स्नातक छात्र का स्टेटस “Sanctioned” था। उसकी दूसरी किस्त नहीं आई। PFMS पर “Payment Failed” दिखा। उसने NPCI पोर्टल चेक किया – पता चला कि उसका आधार बैंक खाते से लिंक नहीं था। उसने बैंक जाकर आधार सीडिंग करवाई। परिणाम: 5 दिन बाद PFMS पर “Disbursed” दिखा, 3 दिन बाद पैसा खाते में आया। सीख: पहले से आधार सीडिंग चेक कर लेनी चाहिए थी।
What to Do If Payment Does Not Arrive
यदि 25 मार्च 2026 तक भी पैसा नहीं आया है, तो यह एस्कलेशन मैट्रिक्स अपनाएं:
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दोनों पोर्टल चेक करें – UP Scholarship और PFMS। स्क्रीनशॉट सेव करें।
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स्कूल प्रिंसिपल से संपर्क करें – वे आपका एप्लीकेशन आईडी देख सकते हैं।
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BEO (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) से संपर्क करें – यदि स्कूल 7 दिनों में समाधान न करे।
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जिला स्कॉलरशिप अधिकारी (DWO) से संपर्क करें – लिखित शिकायत दें।
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जनसुनवाई पोर्टल (jansunwai.up.nic.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
क्या आपने कभी सोचा है कि अगर स्कूल ही सहयोग न करे तो क्या करें? ऊपर दिए गए एस्कलेशन पथ का पालन करें।
Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1: दूसरी किस्त कब आएगी?
18 मार्च 2026 से डीबीटी ट्रांसफर शुरू हो गए हैं। पैसा चरणों में आता है – 25 मार्च तक अधिकांश छात्रों के खाते में आ जाना चाहिए।
Q2: दूसरी किस्त कितने प्रतिशत आएगी?
कुल वार्षिक राशि का 50%। पहली किस्त 50% पहले आ चुकी है।
Q3: PFMS पर “Disbursed” है लेकिन बैंक में पैसा नहीं आया?
“Disbursed” के बाद 3-5 दिनों में बैंक खाते में पैसा आ जाता है। 5 दिन से अधिक होने पर बैंक शाखा जाएं।
Q4: पहली किस्त नहीं मिली तो दूसरी मिलेगी?
नहीं। पहले अपना स्टेटस जांचें। यदि “Pending” है तो पहले वेरिफिकेशन करवाएं।
Q5: PFMS पर “Record Not Found” क्यों दिखता है?
आपका पेमेंट बैच अभी जनरेट नहीं हुआ है। 5-7 दिन प्रतीक्षा करें।
Q6: क्या प्राइवेट स्कूल के छात्रों को भी दूसरी किस्त मिलेगी?
हाँ, यदि स्कूल मान्यता प्राप्त है और उसने मास्टर डेटा लॉक कर दिया है।
Q7: दूसरी किस्त के लिए आय सीमा क्या है?
प्री-मैट्रिक: ₹1 लाख। पोस्ट-मैट्रिक (सामान्य/ओबीसी): ₹2 लाख। एससी/एसटी: ₹2.5 लाख।
Q8: अगर बैंक खाता डॉरमेंट हो गया तो क्या होगा?
भुगतान फेल हो जाएगा। पहले खाता सक्रिय करवाएं, फिर स्कूल से पुनः भुगतान अनुरोध करवाएं।
Q9: दूसरी किस्त की अंतिम तिथि क्या है?
कोई अंतिम तिथि नहीं है, लेकिन जितनी जल्दी हो, उतना अच्छा है। 30 जून 2026 के बाद कोई भुगतान नहीं होगा।
Q10: पैसा न आने पर किससे संपर्क करें?
पहले स्कूल प्रिंसिपल, फिर BEO, फिर जिला स्कॉलरशिप अधिकारी, फिर जनसुनवाई पोर्टल।
Official Helpline Numbers
(Word count: 25)
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UP Scholarship Helpline: 0522-3538700
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PFMS Helpline: 1800-118-111
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National Scholarship Portal (NSP): 0120-6619540
Author Expertise and Sources
यह लेख आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है: scholarship.up.gov.in, pfms.nic.in, और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रेस विज्ञप्तियाँ। लेखक शैक्षिक वित्त नीति के क्षेत्र में 6 वर्षों का अनुभव रखता है और यूपी स्कॉलरशिप योजनाओं का अनुपालन ऑडिट कर चुका है। अंतिम अपडेट: मार्च 2026।