क्या आप जानते हैं कि सरकार स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए दो बड़ी छात्रवृत्ति योजनाएं चलाती है — प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति? इनका मकसद एक ही है: पैसों की कमी के कारण कोई भी छात्र पढ़ाई बीच में न छोड़े। अगर आप कक्षा 1 से लेकर कॉलेज तक के किसी छात्र के अभिभावक हैं या खुद छात्र हैं, तो यह गाइड आपके लिए है।
प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति क्या हैं?
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति उन छात्रों को मिलती है जो कक्षा 9वीं और 10वीं में पढ़ रहे हैं (कुछ राज्यों में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए भी)। वहीं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति कक्षा 11वीं से ऊपर — यानी इंटरमीडिएट, स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG), डिप्लोमा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों — के छात्रों के लिए होती है।
दोनों योजनाएं केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी चलाती हैं। उत्तर प्रदेश में इन्हें समाज कल्याण विभाग के माध्यम से लागू किया जाता है, और आवेदन राज्य के छात्रवृत्ति पोर्टल के जरिए होता है। राशि और शर्तें योजना व वर्ग के हिसाब से अलग-अलग होती हैं, इसलिए अप्लाई करने से पहले अपने राज्य के पोर्टल पर जारी दिशा-निर्देश जरूर पढ़ें।
कौन आवेदन कर सकता है? — योग्यता शर्तें
आम तौर पर इन योजनाओं के लिए बुनियादी योग्यता इस प्रकार होती है:
- आवेदक भारत का नागरिक हो और संबंधित राज्य का निवासी हो (राज्य-विशिष्ट योजनाओं में)।
- प्री-मैट्रिक के लिए कक्षा 9वीं या 10वीं में नियमित छात्र के रूप में नामांकित होना जरूरी है।
- पोस्ट-मैट्रिक के लिए कक्षा 11वीं से ऊपर किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में अध्ययनरत होना चाहिए।
- पिछली कक्षा में निर्धारित न्यूनतम अंक/उपस्थिति की शर्त पूरी होनी चाहिए (योजना के अनुसार अलग-अलग हो सकती है)।
- परिवार की वार्षिक आय योजना में तय सीमा के अंदर होनी चाहिए — सीमा हर योजना में अलग होती है, इसलिए आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें।
- एक ही सत्र में दो अलग-अलग छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ एक साथ नहीं लिया जा सकता (यह नियम सामान्य है, अपवाद नोटिफिकेशन में देखें)।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज़
आवेदन शुरू करने से पहले ये दस्तावेज़ तैयार रख लें:
- आधार कार्ड (आवेदक का)
- पिछली कक्षा की मार्कशीट
- आय प्रमाण पत्र (माता-पिता/अभिभावक का)
- जाति प्रमाण पत्र (जहां लागू हो)
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक खाते की पासबुक (छात्र के नाम पर, आधार से जुड़ा हो तो बेहतर)
- वर्तमान संस्थान का बोनाफाइड/नामांकन प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर
दस्तावेज़ों की पूरी तैयारी के लिए हमारी विस्तृत चेकलिस्ट भी पढ़ें: छात्रवृत्ति आवेदन 2026-27: जरूरी दस्तावेज़ों की पूरी चेकलिस्ट।
अप्लाई करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
स्टेप 1: अपने राज्य के छात्रवृत्ति पोर्टल पर जाएं (UP के छात्रों के लिए राज्य पोर्टल; केंद्रीय योजनाओं के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल)।
स्टेप 2: “नया पंजीकरण” (New Registration) पर क्लिक करें और बुनियादी जानकारी — नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, आधार नंबर — भरें।
स्टेप 3: पंजीकरण के बाद मिले रजिस्ट्रेशन नंबर/पासवर्ड से लॉगिन करें और सही योजना चुनें (प्री-मैट्रिक या पोस्ट-मैट्रिक)।
स्टेप 4: आवेदन फॉर्म ध्यान से भरें — नाम, पिता का नाम, बैंक खाता संख्या और IFSC बिल्कुल सही लिखें, क्योंकि राशि सीधे बैंक खाते (DBT) में आती है।
स्टेप 5: दस्तावेज़ों की स्कैन कॉपी अपलोड करें (फाइल साइज और फॉर्मेट पोर्टल के नियम के अनुसार)।
स्टेप 6: फॉर्म का प्रिंट/सबमिशन रसीद निकालें और आवेदन की हार्ड कॉपी अपने संस्थान (स्कूल/कॉलेज) में जमा करें, ताकि संस्थान स्तर पर सत्यापन हो सके।
ध्यान रखें: हर सत्र की आवेदन तिथियां अलग होती हैं। पोर्टल पर जारी नोटिस ही अंतिम माना जाता है — अफवाहों पर भरोसा न करें।
आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें?
आवेदन जमा करने के बाद समय-समय पर स्टेटस जांचते रहें। UP छात्रवृत्ति के लिए स्टेटस चेक की पूरी विधि हमने अलग गाइड में दी है: UP Scholarship 2026-27: Status Check Kaise Karein — Step by Step Guide। स्टेटस में “संस्थान द्वारा सत्यापित”, “जिला स्तर पर लंबित” या “स्वीकृत” जैसी स्थितियां दिखती हैं — अगर कोई आपत्ति (objection) दिखे तो उसे तय समय में दूर कराएं।
आवेदन में होने वाली आम गलतियां और उनसे बचाव
- नाम में अंतर: आधार कार्ड और बैंक खाते में नाम की स्पेलिंग अलग होना सबसे आम कारण है जिससे भुगतान अटकता है। दोनों में एक जैसा नाम रखें।
- गलत बैंक विवरण: खाता संख्या या IFSC में एक अंक भी गलत हुआ तो राशि वापस चली जाती है। पासबुक देखकर भरें।
- आधार-बैंक लिंकिंग: DBT भुगतान के लिए बैंक खाता आधार से जुड़ा होना जरूरी है — यह पहले ही करवा लें।
- दस्तावेज़ अधूरे: धुंधली या आधी स्कैन कॉपी अपलोड करने पर आवेदन रिजेक्ट हो सकता है। साफ स्कैन ही लगाएं।
- संस्थान में हार्ड कॉपी न जमा करना: ऑनलाइन फॉर्म के बाद संस्थान स्तर का सत्यापन अनिवार्य है — इसे न भूलें।
फर्जी छात्रवृत्ति वेबसाइटों से सावधान रहें
छात्रवृत्ति के नाम पर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। याद रखें: सरकारी छात्रवृत्ति के लिए कभी कोई फीस या रजिस्ट्रेशन चार्ज नहीं मांगा जाता। अगर कोई वेबसाइट, कॉल या मैसेज “फीस देकर स्कॉलरशिप पक्की” का वादा करे, तो वह फर्जी है। हमेशा आधिकारिक (.gov.in) पोर्टल से ही आवेदन करें और OTP या बैंक विवरण किसी को न बताएं।
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) की भूमिका
जो छात्र केंद्रीय योजनाओं (जैसे अल्पसंख्यक, दिव्यांगजन या मेधावी छात्रों की योजनाएं) के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) का इस्तेमाल करते हैं। NSP पर अप्लाई करने की पूरी प्रक्रिया हमने यहां समझाई है: एनएसपी छात्रवृत्ति 2026-27: नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर अप्लाई कैसे करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: क्या प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक दोनों के लिए एक साथ आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं। छात्र जिस कक्षा में पढ़ रहा है, उसी के अनुसार एक ही योजना में आवेदन करे।
प्रश्न: क्या आवेदन के लिए कोई फीस लगती है?
उत्तर: नहीं, सरकारी छात्रवृत्ति आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है।
प्रश्न: छात्रवृत्ति की राशि कब मिलती है?
उत्तर: आवेदन के सत्यापन और स्वीकृति के बाद राशि DBT से बैंक खाते में भेजी जाती है। समय-सारणी हर सत्र में अलग होती है, इसलिए स्टेटस नियमित चेक करें।
प्रश्न: अगर पिछली कक्षा में कम अंक आए हों तो क्या आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: यह योजना की शर्तों पर निर्भर करता है — कुछ योजनाओं में न्यूनतम अंक की शर्त होती है, कुछ में केवल नामांकन पर्याप्त है। आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें।
निष्कर्ष
प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियां छात्रों के लिए सरकार की सबसे बड़ी शैक्षिक सहायता में से हैं। सही दस्तावेज़, सही जानकारी और समय पर आवेदन — बस इतना ध्यान रखें और आपकी मेहनत की पढ़ाई को आर्थिक सहारा जरूर मिलेगा। आवेदन शुरू करने से पहले दस्तावेज़ों की तैयारी जरूर कर लें।
About the author: Annapurna Yojana Guide (https://annapurnayojanaguide.com/) — West Bengal ki sarkari yojanaon par Hindi me guide.